मुंगेर में बफटा द्वारा “अभिनय की समझ” के विषय पर परिचर्चा में हीरो राजन कुमार का “मास्टर क्लास”

*मुंगेर में बफटा द्वारा “अभिनय की समझ” के विषय पर परिचर्चा में हीरो राजन कुमार का “मास्टर क्लास”*
मुंगेर. BFTAA मुंगेर द्वारा “अभिनय कला की समझ” के विषय पर शनिवार को एक प्रेरणादायक परिचर्चा का सफल आयोजन किया गया. कार्यक्रम के विषय की भूमिका श्री मधुसूदन आत्मीय ने प्रस्तुत की जबकि मुख्य वक्ता रहे हीरो राजन कुमार. “अभिनय की समझ” जैसे विषय पर चर्चा नए और पुराने दोनों कलाकारों के लिए बहुत प्रेरणादायक सिद्ध हुई। इसमे BFTAA के लगभग 50 कलाकारों ने हिस्सा लिया और इस सेशन को कामयाब बनाया.
अभिनय कला की समझ…BFTAA के व्याख्यान में हीरो राजन कुमार ने अपने 25 साल के रंगमंच, फिल्म और चार्ली चैप्लिन द्वितीय की प्रस्तुति का रेफरेंस देते हुए मुंगेर के कलाकारों को संदेश दिया कि अभिनय कला को भलीभांति कैरियर के रूप में आगे ले जाया जा सकता है. अगर किसी को इस कला से जुड़ना है, किसी को इस आर्ट में रुचि हो तो वह ट्रेनिंग और अध्ययन के माध्यम से और प्रैक्टिकल नॉलेज लेकर टेलीविजन और फिल्म का सफ़र तय कर सकता है. बिहार तेजी से फिल्म निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रहा है यहां तक कि बिहार सरकार फिल्म निर्माण को बढ़ावा दे रही है ऐसे में बिहार फिल्म निर्माण, अभिनेताओं और कलाकारों के लिए एक बड़ा हब बनता जा रहा है.”
अभिनय को एक उम्दा आर्ट फार्म बताते हुए हीरो राजन कुमार ने नाट्यशास्त्र की बातों को भी सामने रखा. अभिनय कला को चार अलग अलग फार्म में रखा गया है. उन्होने एक्टिंग के द्वारा प्रैक्टिकल उदाहरण पेश किया इससे उभरते अभिनेता अभिनेत्री को समझने का अवसर मिला. 9 रस क्या है भय रस में एक अभिनेता किस तरह भावनाओं को अभिव्यक्त करता है. क्रोध रस, शृंगार रस इत्यादि सभी रसों के बारे में उन्होंने खुलकर बात की जो नए कलाकारों के लिए एक मास्टर क्लास साबित हुआ.



