रायपुर की अभिनेत्री दिव्या त्यागी डायरेक्टर कुमार नीरज की फिल्म “शेल्टर होम” में दिखेंगी दमदार भूमिका में!

*रायपुर की अभिनेत्री दिव्या त्यागी डायरेक्टर कुमार नीरज की फिल्म “शेल्टर होम” में दिखेंगी दमदार भूमिका में!*
बॉलीवुड में अब नई प्रतिभाओं को भी बिग ब्रेक मिल रहे हैं. रायटर डायरेक्टर कुमार नीरज की जल्द आने वाली फिल्म “शेल्टर होम” में अभिनेत्री दिव्या त्यागी बड़े पर्दे पर अपना जलवा दिखाने जा रही हैं. इस सिनेमा में उनकी प्रभावशाली भूमिका है। रायपुर की रहने वाली दिव्या त्यागी इस रियलिस्टिक फिल्म से अपनी दमदार स्क्रीन उपस्थिति के लिए ध्यान आकर्षित करने वाली हैं।

लेखक निर्देशक कुमार नीरज की बहुप्रतीक्षित फिल्म “शेल्टर होम” के पोस्टर्स और ट्रेलर ने सोशल मीडिया पर चर्चा छेड़ दी है. ये फिल्म 28 नवंबर को पैन इंडिया सिनेमाघरों मे रिलीज होने वाली है.दिव्या त्यागी ने निर्देशक कुमार नीरज का आभार जताया और कहा कि वह एक सुलझे हुए फिल्म मेकर हैं. इतने संवेदनशील मुद्दे पर आधारित सिनेमा में उन्होंने मुझे बहुत महत्वपूर्ण भूमिका अदा करने का अवसर दिया है जिसके लिए मैं हमेशा उनकी एहसानमंद रहूंगी.”
छत्तीसगढ़ के रायपुर के एक साधारण माहौल में पली-बढ़ी दिव्या त्यागी की असाधारण हिम्मत की कहानी बहुत प्रेरणादायक है. उनकी आँखों में था वो जुनून जिसे लेकर वह मुंबई आई थीं. मुंबई — जहाँ सपने जितने बड़े होते हैं, संघर्ष उससे भी बड़ा होता है. मुंबई शहर ने उन्हें खुले हाथों से नहीं,
कठिनाइयों से भरे रास्तों से स्वागत किया। रोज़ाना दर्जनों ऑडिशन, अंतहीन कतारें, कैमरे के सामने बार-बार रिजेक्शन. कभी पैसों की समस्या, कभी रहने की,
हर चीज़ ने उनकी परीक्षा ली। कई बार ऐसा लगा शायद ये सपना उनके लिए नहीं है। पर हर सुबह वे खुद से एक ही बात कहतीं “दिव्या, रुकना नहीं। तू बनी ही लड़ने के लिए है।”
और फिर उन्होंने एक दिन वह मंजिल पा ली. आज वह सोशल मीडिया पर हज़ारों लोगों की प्रेरणा हैं, बॉलीवुड में अपनी अलग पहचान बना रही हैं. अपनी पहली फिल्म शेल्टर होम से
सच बोलने की हिम्मत दिखा चुकी हैं। लेकिन उनके यहां तक पहुँचने की राह कभी आसान नहीं थी। उनके पास सिर्फ सपने नहीं थे
उनके पास सच्चाई से लड़ने का जज़्बा था।
दिव्या त्यागी ने अपने पहले प्रोजेक्ट के रूप में एक ऐसी कहानी चुनी
जिसको कहते हुए भी लोग झिझकते हैं मुज़फ्फरपुर शेल्टर होम केस, भारत का वो काला अध्याय, जिसने हजारों बेटियों की चीखों को दीवारों में कैद कर दिया था। दिव्या ने ये कहानी इसलिए चुनी क्योंकि यह फिल्म किसी को चुप नहीं रहने देगी।
इस फिल्म में उनका किरदार — नविका सिर्फ एक लड़की नहीं,
एक लड़ाई है। नविका की आँखों में जो दर्द है,
वह दिव्या की आत्मा में उतर गया। कई बार शूटिंग के दौरान कैमरा बंद होने के बाद भी
उनकी आँखों से आँसू रुकते नहीं थे क्योंकि वह सिर्फ अभिनय नहीं कर रही थीं, वह उन मासूम बेटियों के लिए रो रही थीं
जिनका दर्द किसी ने महसूस नहीं किया. फिल्म की रिसर्च करते हुए दिव्या ने असली केस की जानकारी पढ़ी,
पीड़िताओं की रिपोर्ट्स देखीं और समाज की खामोशी को महसूस किया। वह बताती हैं “ये सिर्फ एक फिल्म नहीं…
ये वो चीखें थीं जिन्हें लोग सुनना ही नहीं चाहते थे।”
आज दिव्या त्यागी बॉलीवुड में नई हैं,
पर उनकी सोच, उनकी हिम्मत, उनका नजरिया उन्हें बाकियों से अलग बनाता है। वह समाज को जगाना और बेटियों की आवाज़ को मंच देना चाहती हैं.
दिव्या चाहती हैं कि उनकी यह फिल्म
लोगों को सोचने पर मजबूर करे। वो चाहती हैं कि समाज अपनी जिम्मेदारी समझे। आगे भी वह ऐसी ही फिल्में करना चाहती हैं जो सिर्फ मनोरंजन के उद्देश्य से नहीं बल्कि समाज पर असर डालें, जिम्मेदारी जगाएँ और चुप्पी तोड़ दें।
इस फिल्म से गदर फेम कैमरामैन नजीब खान और मशहूर कोरियोग्राफर गणेश आचार्य का नाम जुड़ा हुआ है। यह फिल्म बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित शेल्टर होम कांड से प्रेरित है। इस का निर्माण चार महिला प्रोड्यूसर वैशाली देव, बीना शाह, मुन्नी सिंह और खुशबू सिंह ने किया है। फिल्म को ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में दिखाया गया है.फिल्म में दिव्या त्यागी के अलावा राजवीर सिंह, अक्षय वर्मा, नाज़नीन पटनी इत्यादि ने काम किया है। स्पार्क मीडिया और एएए प्लैनेटरी फिल्म्स द्वारा प्रस्तुत इस फिल्म के सह निर्माता मोहम्मद शफीक, संगीतकार रतन रवानी, तेजस्वी राज, गायक एवं संगीतकार रोशन सिंह काशी और गायिका इशिता विश्वकर्मा और रितु पाठक हैं. दिव्या त्यागी का दूसरा प्रोजेक्ट “भेद भ्रम रहस्य का मायाजाल” है. डीडी नेशनल सनशाइन पिक्चर्स के लिए यह एक चर्चित वेब शो रहा.



